Tuesday, 8 November 2016
पीएम मोदी का धमाकेदार ऐलानः आज रात से 500-1000 रुपये के नोट बंद
पीएम मोदी का धमाकेदार ऐलानः आज रात से 500-1000 रुपये के नोट बंदनई दिल्लीः पीएम मोदी ने एक बेहद धमाकेदार ऐलान कर दिया हैजो देश की आर्थिक स्थिति में जोरदार बदलाव लाएगा. आज आधी रात से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया जाएगा. यानी आज आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट चलना बंद कर दिए गए हैं. पीएम मोदी ने आज देश के नाम संबोधन करने का अचानक ऐलान करके सबको चौंका दिया और इस संबोधन को आर्थिक महत्व से जोड़कर चौंका दिया.30 दिसंबर 2016 तक आपके पास जो भी 500 और 1000 रुपये के नोट हैं वो बैंक और डाकघर में जमा कर सकते हैं. 10 नवंबर से30 दिसंबर 2016 के बीच आप बैंक, डाकघर में नोट जमा कर सकतेहैं.एक और बड़ी खबर है कि इसी फैसले के चलते 9 और 10 नवंबर को एटीएम काम नहीं करेंगे और आपको कैश की जरूरत है तो 100 रुपये के नोटों का बंदोबस्त कर लें. 9 नवंबर और 10 नवंबर को आप एटीएम से 2000 रुपये से ज्यादा कैश नहीं निकाल सकते.जानें पीएम ने बड़ा ऐलान करते हुए क्या कहाआज पीएम मोदी ने देश के संबोधन में एक बड़ा ऐलान किया. पीएमने कहा, ”देश को भ्रष्टाचार और कालेधन को खत्म करने के लिए एक सख्त तदम उठाना जारी हो गया है. आज रात 8.11.2016 की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट कानूनी रूप से अमान्य होगें. आज रात से 500 और 1000 के नोट महज कागज के टुकड़े रह जाएंगे. 500 और 1000 के नोट के अलावा सभी नोट पूर्व की तरह मान्य होंगे. इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिल्गी. 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट 10 नबंबर 2016 से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक बैंक या डाकघर में जमा करवा सकते हैं. ये 50 दिन का समय है. पैसा जमा करवाने की कोई जल्दबाजी नहीं होगी.” पीएम ने कहा,”तत्काल आवश्कता के लिए आप अपने मान्य पहचान पत्र के साथ किसी बैंक या डाकघर से 4000 रुपये तक की सीमा तक बदल सकते हैं. 10 नबंबर के बाद इस सीमा में बढोतरी की जाएगी.”पीएम ने कहा, ”मानवीय दृष्टिकोण से सामन्य नागरिकों के लिएकुछ सुविधाएं दी जा रही हैं. अस्पतालों में 11 नवंबर 2016की मध्यरात्रि तक अस्पताल, रेलवे, बस और हवाई टिकट काउंटर पर पुराने 500 और 1000 रुपये नोट मान्य होंगे. इसके अलावा पेट्रोल पंप पर भी 11 नवंबर 2016 की रात 12 बजे तक पुराने 500 और 1000 रुपये नोट मान्य होंगे.”पीएम ने कहा, ”मैं आज आपसे कुछ महत्वपूर्ण विषय और निर्णय साझा करूंगा. जब आपने हमें 2014 में सत्ता सौंपी थी उस समय देश की अर्थव्यवस्था ऐसी थी कि चर्चा थी कि ब्रिक्स में स्थित I लुढ़क रहा है. आप सभी के सहयोग और भरोसे से आज विश्व में भारत ने अपनी चमकती उपस्थिति दर्ज कराई है. ये सिर्फ दावा नहीं है, .आवाज़ IMF और वर्ल्ड बैंक से गूंज रही है. हमारी सरकार गरीबों को समर्पित है और रहेगी. हमारा मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास ये मूलमंत्र हमेशा रहेगा.”
8 steps of PM Modi's surgical strike against black money
Though Prime Minister Narendra Modi pulled off a major coup today to check black money, he had laid its foundation over two years ago, soon after coming to power in May 2014.Though today's unprecedented financial measure may have come as a rude shock to many, Narendra Modi also gave enough opportunities and threw enough hints in thisregard. However, he waited for the festival season of Dussehra and Diwali to get over.1. SC-monitored SIT on Black MoneyThe first such initiative came when the Narendra Modi Government, in its very first Cabinet meeting, constituted a Supreme Court-Monitored Special Investigation Team (SIT) on Black Money.2. Jan Dhan YojanaThis was followed by the launch of the Pradhan Mantri Jan Dhan Yojaya (PMJDY) on August 28, 2014. Prime Minister Narendra Modi took personal personal interest in the scheme. He made it a mission to ensure that the scheme was successful. The scheme will be of immensehelp in the present circumstances. Now that Rs 500 and Rs 1000 currency denomination notes have been banned, transactions from banks will acquire importance. Opening of accounts even in the remote areas will help the rural villagers. They will not feel the pinch of the banning of the currency notes.Had the bank accounts not been opened, the people would have faced immense problems. But not now, at least for those who have bank accounts. Till date, 25.45 crore accounts have been opened so far and Rs 45,302.48 crore has been deposited in these accounts. A total of 20.28 crore accounts have been opened in the public sector banks - 11.39 crore accounts in the rural areas while 8.90 accounts in the urbanareas.Also read:Rs 500, Rs 1000 notes illegal from midnight, ATMs won't work tomorrow:PM ModiA total of 4.30 crore accounts have been opened in the Regional Rural Banks - 3.70 crore in the rural areas and 0.60 crore in theurban areas. As far as the private banks are concerned, a total of 0.86 crore banks have been opened - 0.53 crore in the rural areas and 0.34 crore accounts in the urban areas.Hence, a whopping 15.62 crore accounts have been opened in the rural areas and 9.83 crore accounts have been opened in the urban areas.3. Renegotiation of Tax Treaties and Automatic Information Exchange Agreements with Tax HavensThe government renegotiated the Double Tax Avoidance Agreement (DTAA) with Mauritius to impose Capital Gains Tax if such Capital Asset is situated in India. The Narendra Modi Government also negotiated an Automatic Information Exchange Agreement with Switzerland. Agreements are also being negotiated with other tax havens. From 2017, Organisation of Economic Cooperation and Development (OECD) countries have agreed to share information on foreign account holders with their home countries.Also read:New Rs 500, Rs 2000 notes: All you need to know4. The Black Money (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015 for Foreign Black MoneyThe scheme was launched to bring back black money stashed in foreign countries and tax havens. The scheme ended on 30 September, 2015. The Act also had various stringent provisions for penalty and prosecution of foreign black money holdersunearthed during future investigation by thetax department.5. Income Disclosure Scheme, 2016The Income Declaration Scheme (IDS) which opened on June 1 gave a chance to black money holders to come clean by declaring the assets by September 30 and paying tax and penalty of 45 per cent on it. The Narendra Modi Government wanted to capture the entire parallel economy flowing in the system of Rs 7 lakh crore in India. The government was upset with the output of IDS scheme. Though the Income Tax department had identified 90 lakh high value transactions without PAN, the final disclosure of black money was to the tune of Rs 65,250 crore.Also read:Here is what PM Modi said about the new Rs 500, Rs 2000 notes and black money6. Penalty on Real Estate Transactions undertaken in Cash exceeding Rs 20,000The Narendra Modi Government imposed a penalty of 20 per cent on all cash transactions exceeding Rs 20,000 to purchase or sell a property (real estate). This was aimed at curbing the role of black money in real estate transactions.7. Tax Collection at Source on Cash Sales exceeding Rs 2 lakhAnother important step to check high value cash transactions and create an audit trail was to impose Tax Collection at Source at a nominal rate of 1 per cent on cash purchases exceeding Rs 2 lakh.Also read:PM Modi's rupee revamp: Don't worry your money stays your money8. Benami Transaction (Prohibition) Amendment BillThe Parliament passed the Benami Transactions (Prohibition) Amendment Act,2016 (BTP Amendment Act) in August. It came into force from November 1, 2016. The new law seeks to give more teeth to the authorities to curb benami transactions.The notification issued by the Income Tax department, stated that after coming into effect, the BTP Amendment Act, the existing Benami Transactions (Prohibition) Act, 1988, shall be renamed as Prohibition of Benami Property Transactions Act, 1988 (PBPT Act).
Saturday, 22 October 2016
about depawali in Hindi
दीपावली पर्व के पीछे कथा (Story of Deepawali in Hindi)अपने प्रिय राजा श्री राम के वनवास समाप्त होने की खुशी में अयोध्यावासियों ने कार्तिक अमावस्या की रात्रि में घी के दिए जलाकर उत्सव मनाया था। तभी से हर वर्ष दीपावलीका पर्व मनाया जाता है।इस त्यौहार का वर्णन विष्णु पुराण के साथ-साथ अन्य कई पुराणों में किया गया है।दीपावली पर लक्ष्मी पूजा (Deepawali Pooja Vidhi Hindi)अधिकांश घरों में दीपावली के दिन लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा की जाती है। हिन्दू मान्यतानुसार अमावस्या की रात्रि में लक्ष्मी जी धरती परभ्रमण करती हैं और लोगों को वैभव का आशीष देती है। दीपावली के दिन गणेश जी की पूजा का यूं तो कोई उल्लेख नहींपरंतु उनकी पूजा के बिना हर पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए लक्ष्मी जी के साथ विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की भी पूजा की जाती है। दीपदान (Deepdan in Hindi)दीपावली के दिन दीपदान का विशेष महत्त्व होता है। नारदपुराण के अनुसार इस दिन मंदिर, घर, नदी, बगीचा, वृक्ष, गौशाला तथा बाजार में दीपदान देना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन यदि कोई श्रद्धापूर्वकमां लक्ष्मी की पूजा करता है तो, उसके घर मेंकभी भी दरिद्रता का वासनहीं होता। इस दिन गायों के सींग आदि को रंगकर उन्हें घास और अन्न देकर प्रदक्षिणा की जाती है। दीपावली पर्व भारतीय सभ्यता की एक अनोखी छठाको पेश करता है। आज अवश्य पटाखों की शोर में माता लक्ष्मी की आरती का शोर कम हो गया है लेकिन इसके पीछे की मूल भावना आज भी बनी हुई है।
Wednesday, 19 October 2016
about mahtma budh in Hindi
उनका जन्म 483 और 563 ईस्वी पूर्व के बीचशाक्यगणराज्यकी तत्कालीन राजधानीकपिलवस्तुके निकटलुंबिनी, नेपालमें हुआ था।[2]लुम्बिनी वन नेपाल के तराई क्षेत्र में कपिलवस्तु और देवदह के बीच नौतनवा स्टेशन से 8 मील दूर पश्चिम में रुक्मिनदेई नामक स्थान के पास स्थित था। कपिलवस्तु की महारानी महामाया देवी के अपने नैहर देवदह जाते हुए रास्ते में प्रसव पीड़ा हुईऔर वहीं उन्होंने एक बालक को जन्म दिया। शिशु का नाम सिद्धार्थ रखा गया।[3]गौतम गोत्र में जन्म लेने के कारण वे गौतम भी कहलाए। शाक्यों के राजाशुद्धोधनउनके पिता थे। परंपरागत कथा के अनुसार,सिद्धार्थ की मातामायादेवीजोकोलीवन्श की थी का उनके जन्म के सात दिन बाद निधन हो गया था। उनका पालन पोषण उनकी मौसी और शुद्दोधन की दूसरी रानी महाप्रजावती (गौतमी) ने किया। शिशु का नाम सिद्धार्थ दिया गया, जिसका अर्थ है "वह जो सिद्धी प्राप्ति के लिए जन्मा हो"। जन्म समारोह के दौरान, साधु द्रष्टा आसित ने अपने पहाड़ के निवास से घोषणा की-बच्चा या तो एक महान राजा या एक महान पवित्र पथप्रदर्शक बनेगा।[4]शुद्दोधन ने पांचवें दिन एक नामकरण समारोह आयोजित किया औरआठ ब्राह्मण विद्वानों को भविष्य पढ़ने के लिए आमंत्रित किया। सभी ने एक सी दोहरी भविष्यवाणी की, कि बच्चा या तो एक महान राजा या एक महान पवित्र आदमी बनेगा।[5]दक्षिण मध्यनेपालमें स्थित लुंबिनी में उस स्थल पर महाराजअशोकने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व बुद्ध के जन्म की स्मृति में एक स्तम्भ बनवाया था। बुद्ध का जन्म दिवस व्यापक रूप से थएरावदा देशों में मनाया जाता है।[6]सुद्धार्थ का मन वचपन से ही करुणा औरदया का स्रोत था। इसका परिचय उनके आरंभिक जीवन की अनेक घटनाओं से पता चलता है। घुड़दौड़ में जब घोड़े दौड़ते और उनके मुँह से झाग निकलने लगता तो सिद्धार्थ उन्हें थका जानकर वहीं रोक देता औरजीती हुई बाजी हार जाता। खेल में भी सिद्धार्थ को खुद हार जाना पसंद था क्योंकि किसी को हराना और किसी का दुःखी होना उससे नहीं देखा जाता था। सिद्धार्थ ने चचेरे भाई देवदत्त द्वारा तीर से घायल किए गए हंस की सहायता की और उसके प्राणों कीरक्षा की।शिक्षा एवं विवाहसिद्धार्थ ने गुरु विश्वामित्र के पास वेद और उपनिषद् तो पढ़े ही, राजकाज और युद्ध-विद्या कीभी शिक्षा ली। कुश्ती, घुड़दौड़, तीर-कमान, रथ हाँकने में कोई उसकी बराबरी नहीं कर पाता। सोलह वर्ष की उम्र में सिद्धार्थ का कोली कन्यायशोधराके साथ विवाह हुआ। पिता द्वारा ऋतुओं के अनुरूप बनाए गए वैभवशाली और समस्त भोगों से युक्त महल में वे यशोधरा के साथ रहने लगे जहाँ उनके पुत्रराहुलका जन्म हुआ। लेकिन उनका मन वैराग्यमें चला और सम्यक सुख-शांतिके लिए उन्होंने आपने परिवार का त्याग कर दिया.विरक्तिराजा शुद्धोधन ने सिद्धार्थ के लिए भोग-विलास काभरपूर प्रबंध कर दिया। तीन ऋतुओं के लायक तीन सुंदर महल बनवा दिए। वहाँ पर नाच-गान और मनोरंजनकी सारी सामग्री जुटा दी गई। दास-दासी उसकी सेवामें रख दिए गए। पर ये सब चीजें सिद्धार्थ को संसार में बाँधकर नहीं रख सकीं। वसंत ऋतु में एक दिन सिद्धार्थ बगीचे की सैर पर निकले। उन्हें सड़क पर एक बूढ़ा आदमी दिखाई दिया। उसके दाँत टूट गए थे, बाल पक गए थे, शरीर टेढ़ा हो गया था। हाथ में लाठी पकड़े धीरे-धीरे काँपता हुआ वह सड़क पर चल रहा था। दूसरी बार कुमार जब बगीचे की सैर को निकला, तो उसकी आँखों के आगे एक रोगी आ गया। उसकी साँस तेजी से चल रही थी। कंधे ढीले पड़गए थे। बाँहें सूख गई थीं। पेट फूल गया था। चेहरापीला पड़ गया था। दूसरे के सहारे वह बड़ी मुश्किल से चल पा रहा था। तीसरी बार सिद्धार्थ को एक अर्थी मिली। चार आदमी उसे उठाकर लिए जा रहेथे। पीछे-पीछे बहुत से लोग थे। कोई रो रहा था, कोई छाती पीट रहा था, कोई अपने बाल नोच रहा था। इनदृश्यों ने सिद्धार्थ को बहुत विचलित किया। उन्होंने सोचा कि ‘धिक्कार है जवानी को, जो जीवन को सोख लेती है। धिक्कार है स्वास्थ्य को, जो शरीर को नष्ट कर देता है। धिक्कार है जीवन को, जो इतनी जल्दी अपना अध्याय पूरा कर देता है। क्या बुढ़ापा, बीमारी और मौत सदा इसी तरह होती रहेगी सौम्य? चौथी बार कुमार बगीचे की सैर को निकला, तोउसे एक संन्यासी दिखाई पड़ा। संसार की सारी भावनाओं और कामनाओं से मुक्त प्रसन्नचित्त सन्यासी ने सिद्धार्थ को आकृष्ट किया।महाभिनिष्क्रमणसुंदर पत्नी यशोधरा, दुधमुँहे राहुल और कपिलवस्तु जैसे राज्य का मोह छोड़कर सिद्धार्थ तपस्या के लिए चल पड़ा। वहराजगृहपहुँचा। वहाँ उसने भिक्षा माँगी। सिद्धार्थ घूमते-घूमते आलारकालाम और उद्दक रामपुत्र के पास पहुँचा। उनसे उसने योग-साधना सीखी। समाधि लगाना सीखा। पर उससेउसे संतोष नहीं हुआ। वह उरुवेला पहुँचा और वहाँ पर तरह-तरह से तपस्या करने लगा।सिद्धार्थ ने पहले तो केवल तिल-चावल खाकर तपस्याशुरू की, बाद में कोई भी आहार लेना बंद कर दिया। शरीर सूखकर काँटा हो गया। छः साल बीत गए तपस्या करते हुए। सिद्धार्थ की तपस्या सफल नहीं हुई। शांति हेतु बुद्ध का मध्यम मार्ग : एक दिन कुछ स्त्रियाँ किसी नगर से लौटती हुई वहाँ से निकलीं, जहाँ सिद्धार्थ तपस्या कर रहा था। उनका एक गीत सिद्धार्थ के कान में पड़ा- ‘वीणा के तारों को ढीला मत छोड़ दो। ढीला छोड़ देने से उनका सुरीला स्वर नहीं निकलेगा। पर तारों को इतना कसो भी मत कि वे टूट जाएँ।’ बात सिद्धार्थ को जँच गई। वह मान गया कि नियमित आहार-विहार से ही योग सिद्ध होता है। अति किसी बात की अच्छी नहीं। किसी भी प्राप्ति के लिए मध्यम मार्ग ही ठीक होता है।ज्ञान प्राप्तिअसुरो के बीच घिरे महात्मा बुद्ध ध्यान मुद्रा मे.वैशाखी पूर्णिमा के दिन सिद्धार्थ वटवृक्ष के नीचे ध्यानस्थ थे। समीपवर्ती गाँव की एक स्त्रीसुजाताको पुत्र हुआ। उसने बेटे के लिए एक वटवृक्ष की मनौती मानी थी। वह मनौती पूरी करने के लिए सोने के थाल में गाय के दूध की खीर भरकर पहुँची। सिद्धार्थ वहाँ बैठा ध्यान कर रहा था। उसे लगा कि वृक्षदेवता ही मानो पूजा लेने के लिए शरीर धरकर बैठे हैं। सुजाता ने बड़े आदर से सिद्धार्थ को खीर भेंट की और कहा- ‘जैसे मेरी मनोकामना पूरी हुई, उसी तरह आपकी भी हो।’ उसी रात को ध्यान लगाने पर सिद्धार्थ की साधना सफल हुई। उसे सच्चा बोध हुआ। तभी से सिद्धार्थ बुद्ध कहलाए। जिसपीपलवृक्ष के नीचे सिद्धार्थ को बोधमिला वहबोधिवृक्षकहलाया और गया का समीपवर्ती वह स्थान बोधगया।धर्म-चक्र-प्रवर्तनवे 80 वर्ष की उम्र तक अपने धर्म का संस्कृत के बजाय उस समय की सीधी सरल लोकभाषा पाली में प्रचार करते रहे। उनके सीधे सरल धर्म की लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी। चार सप्ताह तक बोधिवृक्ष के नीचे रहकर धर्म के स्वरूप का चिंतनकरने के बाद बुद्ध धर्म का उपदेश करने निकल पड़े। आषाढ़ की पूर्णिमा को वे काशी के पास मृगदाव (वर्तमान में सारनाथ) पहुँचे। वहीं पर उन्होंने सबसे पहला धर्मोपदेश दिया और पहले के पाँच मित्रों को अपना अनुयायी बनाया और फिर उन्हें धर्म प्रचार करने के लिये भेज दिया।महापरिनिर्वाणबुद्ध परिनिर्वाण में प्रवेश करते हुएपालि सिद्धांत के महापरिनिर्वाण सुत्त के अनुसार ८० वर्ष की आयु में बुद्ध ने घोषणा की कि वे जल्द हीपरिनिर्वाणके लिए रवाना होंगे। बुद्ध ने अपना आखिरी भोजन, जिसे उन्होंने कुन्डानामक एक लोहार से एक भेंट के रूप में प्राप्त किया था, ग्रहण लिया जिसके कारण वे गंभीर रूप से बीमार पड़ गये। बुद्ध ने अपने शिष्य आनंद को निर्देश दिया कि वह कुन्डा को समझाए कि उसने कोई गलती नहीं की है। उन्होने कहा कि यह भोजन अतुल्य है।[7]उपदेशभगवान बुद्ध ने लोगों को मध्यम मार्ग का उपदेश किया। उन्होंने दुःख, उसके कारण और निवारण के लिए अष्टांगिक मार्ग सुझाया। उन्होंने अहिंसा पर बहुत जोर दिया है। उन्होंने यज्ञ और पशु-बलि की निंदा की। बुद्ध के उपदेशों का सार इस प्रकार है -*.सम्यक ज्ञानबुद्ध के अनुसार धम्म है: -*.जीवन की पवित्रता बनाए रखना*.जीवन में पूर्णता प्राप्त करना*.निर्वाण प्राप्त करना*.तृष्णा का त्याग*.यह मानना कि सभी संस्कार अनित्य हैं*.कर्म को मानव के नैतिक संस्थान का आधार माननाबुद्ध के अनुसार अ-धम्म है: -*.परा-प्रकृति में विश्वास करना*.आत्मा में विश्वास करना*.कल्पना-आधारित विश्वास मानना*.धर्म की पुस्तकों का वाचन मात्रबुद्ध के अनुसार सद्धम्म क्या है: -1. जो धम्म प्रज्ञा की वृद्धि करे--*.जो धम्म सबके लिए ज्ञान के द्वार खोल दे*.जो धम्म यह बताए कि केवल विद्वान होनापर्याप्त नहीं है*.जो धम्म यह बताए कि आवश्यकता प्रज्ञा प्राप्त करनेकी है2. जो धम्म मैत्री की वृद्धि करे--*.जो धम्म यह बताए कि प्रज्ञा भी पर्याप्त नहींहै, इसके साथ शील भी अनिवार्य है*.जो धम्म यह बताए कि प्रज्ञा और शील के साथ-साथकरुणा का होना भी अनिवार्य है*.जो धम्म यह बताए कि करुणा से भी अधिक मैत्री की आवश्यकता है।3. जब वह सभी प्रकार के सामाजिक भेदभावों को मिटा दे*.जब वह आदमी और आदमी के बीच की सभी दीवारों को गिरा दे*.जब वह बताए कि आदमी का मूल्यांकन जन्म से नहीं कर्म से किया जाए*.जब वह आदमी-आदमी के बीच समानता केभाव की वृद्धिकरेबौद्ध धर्म एवं संघबौद्ध धर्म सभी जातियों और पंथों के लिए खुला है। उसमें हर आदमी का स्वागत है। ब्राह्मण हो या चांडाल, पापी हो या पुण्यात्मा, गृहस्थ हो या ब्रह्मचारी सबके लिए उनका दरवाजा खुला है। उनके धर्म में जात-पाँत, ऊँच-नीच का कोई भेद-भाव नहीं है। बुद्ध के धर्म प्रचार से भिक्षुओं की संख्याबढ़ने लगी। बड़े-बड़े राजा-महाराजा भी उनके शिष्य बनने लगे। शुद्धोधन और राहुल ने भी बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। भिक्षुओं की संख्या बहुत बढ़ने पर बौद्ध संघ की स्थापना की गई। बाद में लोगों के आग्रह पर बुद्ध ने स्त्रियों को भी संघ में ले लेने के लिए अनुमति दे दी, यद्यपि इसे उन्होंने विशेष अच्छा नहीं माना। भगवान बुद्ध ने ‘बहुजन हिताय’ लोककल्याण के लिए अपने धर्म का देश-विदेश में प्रचार करने के लिए भिक्षुओं को इधर-उधर भेज
amamitdeveloper: Top 10 Most Venomous Snake
i: अब तक आप सांपो के ऊपर दो लेखसांपो से जुड़े 10 भ्रम और अंधविश्वासऔरसांपो से जुड़े 20 फैक्ट्सपढ़ चुके है। आज हम आपको दुनिया में पाये जाने वाले 10 सबसे विषैले सांपो के बारे में बताएंगे। संसार में सांपो की 2500 सेअधिक प्रजातिया पाई जाती है जिसमें से 500 के करीब ज़हरीली होती है। हमने इन्हीमें से 10 प्रजातियों का चयन किया है। हालांकि इनको किसी क्रम में रखना बहुत मुश्किल है क्योकि कई प्रजातियों का ज़हरबहुत घातक है पर वो इंसानो को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते है जबकि कई प्रजातियों का ज़हर इतना घातक नहीं होता है फिर भी वो अपनी आक्रमकता से इंसानो को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाते है।1. समुद्री सांप (Belcher’s Sea Snake) :सी स्नेक साउथ ईस्ट एशिया और नॉर्थन ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह सांप इस संसार का सबसे ज़हरीला सांप है। इसके ज़हर की कुछ मिलीग्राम बुँदे ही 1000 इंसानो की मौत के लिए पर्याप्त है। हालांकि समुद्र में पाये जाने के कारण यह इंसानो के लिए इतना खतरनाक नहीं है। केवल मछुआरे ही मछली पकड़ते वक़्त कभी कभार इसका शिकार होते है। यह अधिकतर मौको पर इंसानो को काटने से बचता है बहुत ही रेयर केस में हि यह इंसान को काटता है।2. इंनलैंड ताइपन (Inland Taipan) :यह सांप जमीन पर पाये जाने वाले सांपो में सबसे ज़हरीला है। इसकी एक बाईट में 100 मिलीग्राम तक ज़हर होता है जो की बहुत ज्यादा नहीं है पर यह इतना घातक होता है कि100 इंसानो को मौत कि नींद सुला सकता है। इनका ज़हर रैटल स्नेक की तुलना में 10 गुना और कोबरा की तुलना में 50 गुना ज्यादा घातक होता है। यह सांप आबादी से दूर रहना पसंद करता है इसलिए इंसानो से इसका आमना सामना बहुत कम होता है और यदि होभी जाए तो ये वहाँ से बच निकलने की कोशिश करता है। आपको यह जान के आशचर्य होगा की इससांप के द्वारा इंसानो को काटने का कोई मामला आज तक रिकॉर्ड नहीं हुआ है। इसलिए इसे संत सांप की भी उपाधि दी जाती है।3. इस्टर्न ब्राउन स्नेक (Eastern BrownSnake) :आस्ट्रेलिया में पाया जानेवाले यह सांप बहुत ही ज़हरीला होता है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है की इसके ज़हर का 14,000 वां हिस्सा ही किसी इंसान को खत्म करने के लिए काफी है। उससे भी खराब बात यह है यह ऑस्ट्रेलिया में इंसानी इलाको के पास ज्यादा पाया जाता है। इस सांप का एक छोटा सा बच्चा भी किसी इंसान को मौत के घाटउतार सकता है।इनकी चाल बेहद तेज होती है और एक बार खतरा महसूस होने पर ये पीछा करके काटते हैं। इसके काटने के बाद आंखों के आगे अंधेरा छाना, बहुत तेज़ दर्द, बहुत ज्यादा खून का बहना जैसी शिकायतें मरीज करता है। काटने के 5 मिनट के भीतर इंसान खत्म हो जाता है। यह सांप केवल मूवमेंट पर ही प्रतिक्रिया करता है इसलिए कभी इस सांप से आपका सामना हो तो बिलकुल स्थिर रहना ही सबसे बढ़िया उपाय है।4. रैटलस्नेक (Rattle Snake) :यह उत्तरी अमेरिका का सबसे ज़हरीला सांप है। यह सांप अपनी पुंछ के आखरी सिरे पर बने छल्लों के कारण आसानी से पहचाना जाता है। जब यह अपनी पुंछ को हिलाता है तो यह छल्ले, झुनझुने की तरह आवाज़ करते है इसलिए इसका नाम रैटलस्नेक पड़ा है। यह सांप अपनी कुल लम्बाई के 2/3 हिस्से तक वार सकता है जो की बहुत ज्यादा है। ये सांपबहुत ही गुस्सैला होता है। इस सांप की सबसे बड़ी विशेषता यह है की इनके बच्चे, बड़ो से ज्यादा खतरनाक होते है। क्योकि बच्चो में बड़ो से ज्यादा ज़हर होता है। बड़े होने के साथ ज़हर कम होता जाता है। इसके शरीर में हेमोटोक्सिक ज़हर पाया जाता है। इस ज़हर के प्रभाव से ह्यूमन टिश्यू खत्म होने लगते हैं, ब्लड क्लॉटिंगबंद हो जाती है। इसके काटने के बाद 10 -15 मिनीट के अंदर एन्टीडोट दे दी जाए तो बचने के कुछ चांस हो सकते है अन्यथा मौत निश्चित है।5. डेथ एडर (Death Adder) :यह सांप ऑस्ट्रेलिया और न्यू गुइना में पाया जाता है। यह सांप घात लगाकर दूसरे सांपो का शिकार करके खा जाता है। इसका ज़हर न्यूरोटॉक्सिन होता है। यह एक बार में 100 mg तक ज़हर शिकार के शरीर में छोड़ सकता है। हालांकि यह बहुत विषैला है फिर भी यह इंसानो के लिए इतना खतरनाक नहीं है क्योकि इसके विष का शरीर पर असर बहुत धीरे होता है। इसके विष का पूरी तरह असर होने में 6 घंटे तक लग जाते है। इसलिए एंटी वेनीम इसके इलाज़ में काफी कारगर है, हालांकि एंटी वेनीम की खोज से पहले, इतना धीरे असर होने के बावजूद मरने वालो की संख्या 50 % तक थी। इसकी एक और विशेषता जो की इसको घातक बनाती है वो है .13 sec केभीतर दुबारा वार करने की क्षमता।6. सॉ स्केल्ड वाइपर (Saw Scaled Viper):वाइपर वैसे तो पुरे संसार में पाए जाते है और इनकी अधिकांश प्रजातिया होती भी ज़हरीली है, लेकिन इनकी सबसे ज़हरीली प्रजाति सॉ स्केल्ड वाइपर और चेन वाइपर भारत, चीन और साउथ ईस्ट एशिया में पाई जातीहै। यही सांप भारत में सांपो के काटने से होने वाली सबसे ज्यादा मौतो के लिए ज़िम्मेदार है। ये सांप प्राय: बारिश के बाद शिकार की तलाश में निकलते हैं और बन जाते हैं इंसानों के दुश्मन। काटने के आधेघंटे के भीतर इंसान खत्म हो जाता है। वाइपर के काटते ही जिस हिस्से में इसने काटा है वहां तेजी से खून बहना शुरू हो जाता है। पूरे बदन में जानलेवा दर्द शुरू हो जाता है। मसूड़ो से खून निकलना शुरू हो जाता है।ब्लडप्रेशर में तेजी से गिरावट आती है आदमी कई बार खून की उल्टियां करता है और नतीजा होता है मौत।7. फ़िलिपीनी कोबरा ( Philippine Cobra) :कोबरा की अधिकांश प्रजातिया ज्यादा ज़हरीली नहीं होती है पर फ़िलिपीनी कोबरा इसका अपवाद है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है की यह शिकार को डसने की बजाय उसपर दूर से ज़हर थूकता है। ये 3 मीटर की दुरी से भीशिकार पर ज़हर थूक सकता है। ये एक बार में काफी मात्रा में ज़हर थुकता है। इसका ज़हरन्यूरो टॉक्सिक होता है जो की सीधे श्वसन और हृदय तंत्र पर असर दिखाता है। ज़हर तत्काल अपना असर दिखाना शुरु कर देता है। सांस लेना बेहद मुश्किल हो जाता है नतीजा होता है हर्टअटैक। इसके ज़हर थूकने के आधेघंटे के अंदर शिकार की मौत हो जाती है।8. टाइगर स्नेक (Tiger Snake) :यह स्नेक ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। इसके अंदर बहुत पावरफुल न्यूरो टॉक्सिक ज़हर होता है। इसके काटने के बाद 30 मिनिटसे 24 घंटे के अंदर इंसान की मौत हो जाती है। एंटी वेनीन बनने से पूर्व इसके काटने से मरने वाले इंसानो का प्रतिशत 70 था। इसके बावजूद भी यह इंसानो के लिए ज्यादा खतरनाक नहीं है क्योकि इंसानो से मुठभेड़ होने पर यह भाग जाता है यह काटता उसी स्थिति में है जब यह किसी कोने में हो और भागने की कोई जगह न हो।9. ब्लैक माम्बा (Black Mamba) :ब्लैक माम्बा तक़रीबन पुरे अफ्रीका में पाया जाता है और यह सांप अफ्रीका में सांप के काटने से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों के लिए ज़िम्मेदार है। यह धरती पर सबसे तेज़ चलने वाला सांप है जो कि 20 किलोमीटरप्रतिघंटा की रफ्तार से अपने शिकार का पीछा कर सकता है। खतरा महसूस होने पर ये लगातार 10-12 बार काटता है और 400 मिलीग्राम तक ज़हर इंसान के शरीर में छोड़देता है। इसका ज़हर फ़ास्ट एक्टिंग न्यूरो टॉक्सिक होता है। बलैक मांबा का सिर्फ 1 मिलीग्राम ज़हर ही इंसान को खत्म करने के लिए काफी है। मांबा के काटते ही आदमी की आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है, शरीर के जिस हिस्से पर उसने काटा है वहां, निहायत तेज़ दर्द होता है। काटने के 15 मिनिट से लेकर 3 घण्टे के अंदर इंसान की मौत हो जाती है। एंटी वेनीन बनने से पूर्वइसका काटा कोई भी इंसान बच नहीं सकता था। अफ्रीका में ये सांप इतना ज़्यादा पाया जाता है कि अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले इसी सांप का एंटीडोट मरीज को दिया जाता है।10. ताइपन (Taipan) :ताइपन आस्ट्रेलिया में पाया जानेवाला दूसरा सबसे खतरनाक सांप। ये एक बार में इतना ज़्यादा ज़हर छोड़ता है कि उससे एक बार में 12,000 पिग की जान जा सकती है। इसका ज़हर भी न्यूरो टॉक्सिक होता है। अफ्रीकन ब्लैक माम्बा की तरह एंटी वेनीन बनने से पूर्व इसका काटा कोई भी इंसान बच नहीं पाता था। इसके काटने के एक घंटे के अंदर इंसान की मौत हो जाती है।11. ब्लू करैत (Blue Krait) :ये सांप साउथ ईस्ट एशिया और इंडोनेशिया में पाया जाता है। ये सांप भी डेथ एडर की तरह दूसरे सांपो का शिकार करके खाता है। ये सांप सामान्यत: रात के वक्त शिकार ढूंढने निकलते हैं। काफी ज़हरीले होते हैं पर साथ ही निहायत डरपोक भी। इंसानी बस्तियों से दूर रहते हैं और उलझना पसंद नहीं करते। लेकिन एक बार यदि इन्हें अंदेशा हो जाए कि बिना उलझे काम नहीं चलेगा तो फिर ये छोड़ते भी नहीं। इनके काटने के तुरंत बाद आदमी को लकवा मार जाता है। इनका ज़हर भी न्यूरो टॉक्सिक होता है।एंटी वेनीन बनने से पूर्व इसके काटने से मरने वालो की संख्या 85 % थी।
Friday, 14 October 2016
Top 10 Most Venomous Snake
amamitdeveloper: depawali about hindi: amamitdeveloper: interesting and amazing facts of kapil sharma in ... : इन 14 तथ्यों से साबित होता है कि कपिल शर्मा रातों रात स्टार नहीं बन...
depawali about hindi
amamitdeveloper: interesting and amazing facts of kapil sharma in ...: इन 14 तथ्यों से साबित होता है कि कपिल शर्मा रातों रात स्टार नहीं बने जिंदगी में हंसना बहुत ज़रूरी है, और जो लोग दूसरों को हंसाते हैं उनका कद...
Subscribe to:
Posts (Atom)